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क्रिप्टोकरेंसी क्या है और कैसे काम करती है 2023 में क्रिप्टोकरेंसी से पैसे कैसे कमाये ?

क्रिप्टोकरेंसी क्या है और कैसे काम करती है 2023 में क्रिप्टोकरेंसी से पैसे कैसे कमाये 

What is Cryptocurrency and How it Works ?

तो आखिर क्रिप्टोकरेंसी क्या है (What is Cryptocurrency in Hindi)? आज जिसे देखो वो Cryptocurrencies के पीछे भाग रहा है. बहुत ही कम समय में Cryptocurrency ने financial market में अपना सत्ता मजबूत जाहिर कर दिया है. चूँकि Crypto currency को digital money भी कहा जा सकता है क्यूंकि ये केवल Online ही उपलब्ध है और इसे हम physically लेन देन नहीं कर सकते.

Cryptocurrency kya hai


दुसरे currencies जैसे की भारत में Rupees, USA में Dollar, Europe में Euro इत्यादि को सरकारें पुरे देश में लागु करते हैं और इस्तमाल में लाये जाते हैं ठीक वैसे ही इन currency को भी पुरे दुनिया में इस्तमाल में लाया जाता है. लेकिन यहाँ समझने वाली यह बात है की इन Cryptocurrencies के ऊपर Government का कोई भी हाथ नहीं होता है क्यूंकि ये Decentrallized Currency होती हैं इसलिए इनके ऊपर कोई भी agency या सरकार या कोई board का अधिकार नहीं होता, जिसके चलते इसके मूल्य को regulate नहीं किया जा सकता.


तो मैंने सोचा की क्यूँ न आज आप लोगों को Cryptocurrency क्या है के विषय में पूरी जानकारी दे दी जाये. चूँकि यह विषय के बारे में जोरों सोरों से चर्चा हो रही है तो ये आपका अधिकार बनता है की आप भी इस विषय में जानें और दूसरों को शिक्षित करें. तो फिर बिना देरी किये चलिए जानते हैं की आकिर ये Cryptocurrency क्या होता है और इसके कितने प्रकार उपलब्ध हैं.


हर देश की अपनी एक करेंसी होती हैं, और उस करेंसी के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था चलती है. किन्तु आजकल दुनिया में कुछ ऐसी करेंसी भी आ गई है, जोकि डिजिटल फॉर्म में होती हैं और हमें दिखाई नहीं देती है. ऐसी एक करेंसी जिसका नाम क्रिप्टोकरेंसी है, की बात आज हम इस लेख में करने जा रहे हैं. इस लेख में हम आपको क्रिप्टोकरेंसी क्या है, कैसे काम करती हैं, और कौन – कौन सी क्रिप्टोकरेंसी हैं, एवं इनकी विशेषतायें आदि इसी तरह की सभी जानकारी देने जा रहे हैं.



क्रिप्टोकरेंसी क्या है ? (What is Cryptocurrency ?) (Cryptocurrency in Hindi)

Cryptocurrency को digital currency भी कहा जाता है. यह एक तरह का Digital Asset होता है जिसका इस्तमाल चीज़ों की खरीदारी या Services के लिए किया जाता है. इन currencies में cryptography का इस्तमाल होता है।


यह एक Peer to Peer Electronic System होता है जिसका इस्तमाल हम Internet के माध्यम से regular currencies के जगह में Goods और Services को purchase करने के लिए कर सकते हैं. इस व्यवस्था में सरकार ये Banks को बिना बताए भी काम हो सकता है इसलिए कुछ लोगों का मानना है की Cryptocurrency का इस्तमाल गलत तरीके से भी किया जा सकता है.

अगर हम सबसे पहले Cryptocurrency की करें तो वो होगा Bitcoin जिसे सबसे पहले दुनिया में इन्ही कार्यों के लिए लाया था. अगर आज हम देखें तो लगभग 1000 से भी ज्यादा Cryptocurrency पूरी दुनिया में मेह्जुद हैं लेकिन उनमें से कुछ ही ज्यादा महत्वपूर्ण है जिसके विषय में हम आगे चलकर जानेंगे।

Cryptocurrency को बनाने के लिए Cryptography का इस्तमाल होता है.


अगर हम सभी cryptocurrency की बात करें तो उनमें से जो सबसे पहले प्रसिद्ध हुआ वो है Bitcoin. इसे सबसे पहले भी बनाया गया था और इसे सबसे ज्यादा भी इस्तमाल में लाया जाता है. Bitcoin को लेकर काफी controveries आयीं लेकिन आज में Bitcoin Cryptocurrencies में सबसे ऊपर स्तिथ है।

यहाँ में आप लोगों को कुछ दुसरे Cryptocurrencies के बारे में बताने वाला हूँ जिनके बारे में शायद आपको पहले से पता हो.


क्रिप्टोकरेंसी, क्रिप्टोग्राफ़ी जैसी एक टेक्नोलॉजी द्वारा बनाई गई एवं डिस्ट्रिब्यूटेड लेज़र सिस्टम का उपयोग करने वाली एक डिजिटल मुद्रा हैं, जिसमें ब्लॉकचैन के द्वारा कार्य किया जाता है. इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से डेवलपर्स ने इस तरह की करेंसी को बनाने का लक्ष्य रखा, जोकि अधिक समय के लिए, सुरक्षित, निजी, ट्रेस करने योग्य एवं डीसेंट्रलाइज्ड है. जब हमें बड़े लेवल पर किसी चीज को खरीदने या कोई सर्विस लेने के लिए भुगतान करना होता हैं, तब हम ऑनलाइन मनी एक्सचेंज के माध्यम से डिजिटल रूप में पेमेंट कर सकते हैं. अतः इसमें किया जाने वाला पेमेंट इन्टरनेट का उपयोग करके कुछ वॉलेट के रूप में किया जाता हैं. यह करेंसी हमें दिखाई नई देती हैं, इसलिए यह कैशलेस भुगतान का सबसे एडवांस्ड वर्जन है, जोकि डिजिटल फॉर्म में होता है.


Cryptocurrency दो शब्दों से मिलकर बना शब्द है. Crypto जोकि लैटिन भाषा का शब्द है जो cryptography से बना है और जिसका मतलब होता है, छुपा हुआ/हुई. जबकि Currency भी लैटिन के currentia से आया है, जो कि रुपये-पैसे के लिए इस्तेमाल होता है. तो क्रिप्टोकरेंसी का मतलब हुआ छुपा हुआ पैसा. या गुप्त पैसा. या डिजिटल रुपया. कैपिटल वाया ग्लोबल रिसर्च लिमिटेड के इंटरनेशनल एंड कमोडिटीज रिसर्च के लीड और क्रिप्टोकरेंसी पर गहरी पकड़ रखने वाले क्षितिज पुरोहित (Kshitij Purohit) बताते हैं कि आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी एक तरह का डिजिटल पैसा है, जिसे आप छू तो नहीं सकते, लेकिन रख सकते हैं. यानी यह मुद्रा का एक डिजिटल रूप है. यह किसी सिक्के या नोट की तरह ठोस रूप में आपकी जेब में नहीं होता है. यह पूरी तरह से ऑनलाइन होता है. 


इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए कि हर देश की अपनी मुद्रा (Currency) है. जैसे कि भारत के पास रुपया, अमेरिका के पास डॉलर, सउदी अरब के पास रियाल, इंग्लैंड के पास यूरो है. हर देश की अपनी-अपनी करेंसी हैं. यानी एक ऐसी धन-प्रणाली जो किसी देश द्वारा मान्य हो और वहां के लोग इसके इस्तेमाल से जरूरी चीजें खरीद सकते हों. यानी जिसकी कोई वैल्यू हो, करेंसी (Currency) कहलाती है. 




क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है ? (How Cryptocurrency Works?)

क्रिप्टोकरेंसी किस तरह से कार्य करती हैं, इसे जानने के लिए आप नीचे दिए कुछ बिन्दुओं पर गौर फरमायें –


  • क्रिप्टोकरेंसी का मुख्य कार्य होता हैं एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में पैसे ट्रांसफर करना. और यह कार्य किया जाता हैं, ब्लॉकचैन के माध्यम से.

  • ब्लॉकचैन बैंक की तरह कार्य करती है. इसमें जो भी लेनदेन किये जाते हैं, उसका पूरा रिकॉर्ड इस ब्लॉकचैन में होता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाती हैं.

  • इस टेक्नोलॉजी की कुछ लोगों द्वारा पॉवरफुल कंप्यूटर्स के माध्यम से निगरानी एवं जांच की जाती हैं. यह प्रोसेस क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग प्रोसेस होती हैं.

  • जिनके द्वारा यह निगरानी एवं जाँच की जाती है, वे जैसे बैंक में क्लर्क का कार्य होता हैं, उसी तरह कार्य करते हैं, और इन्हें माइनर्स कहा जाता है.

  • अब बात आती हैं ये माइनर्स इसकी निगरानी एवं जाँच किस तरह से करते हैं, तो हम आपको बता दें, कि यह करने के लिए उन्हें एक कोड प्राप्त होता हैं, और यह कोड उन्हें तभी प्राप्त होता हैं, जब उनके सामने प्रस्तुत होने वाले एक गणित का सवाल का वे सही हल करते हैं.

  • यहां पर क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग प्रोसेस पूरी हो जाती हैं और इसके बाद एक्सचेंज प्रोसेस आती हैं, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया जाता हैं.

  • क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से जब खरीदारी, बिक्री या उसका व्यापार करते हैं, तो बात आती है कि आपके पास यह होती कहां हैं, तो आपको बता दें, कि इसके लिए कुछ वॉलेट होते हैं. जिसमे यह स्टोर रहती हैं.

  • वास्तव में यह कंप्यूटर में सार्वजनिक और निजी कीस को स्टोर करने वाला एक प्रोग्राम है. और यह यूजर्स को डिजिटल करेंसी भेजने, प्राप्त करने और उसके संतुलन की निगरानी करने में सक्षम बनाता है. और इस तरह से क्रिप्टोकरेंसी कार्य करती हैं.


पिछले कुछ सालों से क्रिप्टोकरेंसी मुद्राओं की लोकप्रियता बढ़ी है. इन्हें ब्लॉकचेन सॉफ़्टवेयर के ज़रिए इस्तेमाल किया जाता है. ये डिजिटल मुद्रा इनक्रिप्टेड यानी कोडेड होती हैं. इसे एक डिसेंट्रेलाइज्ड सिस्टम के जरिए मैनेज किया जाता है. इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल सिग्नेचर द्वारा वेरिफिकेशन होता है. क्रिप्टोग्राफी की मदद से इसका रिकॉर्ड रखा जाता है. क्षितिज बताते हैं कि इसके जरिए खरीदी को क्रिप्टो माइनिंग (Cryptocurrency Mininig) कहा जाता है क्योंकि हर जानकारी का डिजिटल रूप से डेटाबेस तैयार करना पड़ता है. जिनके द्वारा यह माइनिंग की जाती है, उन्हें माइनर्स कहा जाता है. आसान भाषा में और समझें तो क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारिक एक वर्चुअल करेंसी है जो क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित है. यह सारा काम पावरफुल कंप्यूटर्स के जरिए होता है. क्षितिज तो यहां तक कहते हैं कि इसके कोड को कॉपी करना लगभग नामुमकिन है. 



क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत कैसे हुई (The Origin of Cryptocurrency)

जब दुनिया में इन्टरनेट सुविधा शुरू हुई, तभी यह बहुत से लोगों के लिए अंजान थी. सन 1990 के दशक की बात करें, तो शुरुआत में अधिकांश लोग इन्टरनेट को समझने के लिए संघर्ष कर रहे थे. हालांकि बहुत से लोग इतने स्मार्ट थे, कि उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी थी कि आखिर इन्टरनेट इतना शक्तिशाली टूल कैसे हैं. ऐसे लोगों का मानना था, कि सरकार और कारपोरेशन का हमारे जीवन पर बहुत अधिक पॉवर हो गया है. और वे चाहते थे कि दुनिया के लोगों को इन्टरनेट का उपयोग करके स्वतंत्रता मिले. इसलिए ये साइफरपंक्स क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करते हुए इन्टरनेट यूजर्स को अपने पैसे और जानकारी अधिक नियंत्रित रखने की अनुमति देना चाहते थे. इसके लिए साइफरपंक्स ने डिजिटल कैश की एक सूची बनाई, जिसमें डिजिकैश और साइबरकैश दोनों एक डिजिटल मनी सिस्टम बनाने के प्रयास थे. किन्तु कुछ कमी के चलते दोनों असफल हो गए. फिर लंबे समय के इंतजार के बाद सन 2009 में एक डिजिटल कैश सिस्टम यानि डिजिटल करेंसी का अविष्कार किया गया, जोकि सफल रहा. और इस तरह से क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत हुई.



बिटकॉइन की उत्पत्ति कैसे हुई (What is Bitcoin ?)

बिटकॉइन के बारे में हम पहले ही बता चुके हैं, कि यह होती क्या है, लेकिन इस क्रिप्टोकरेंसी के साथ क्रिप्टोकरेंसी शब्द की उत्पत्ति हुई है. इसलिए बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी को सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी की सूची में पहले नंबर पर रखा गया है. इसकी शुरुआत करने वाले सातोशी नकामोटो कौन हैं, इसके बारे में किसी को भी कोई जानकारी नहीं हैं, यहां तक कि इनके बारे में यह भी जानकारी नहीं है, कि ये कोई पुरुष हैं, या महिला हैं या फिर कोई समूह हैं. इनके द्वारा केवल ईमेल के माध्यम से ही बात की गई है. साल 2009 में हैली फनी नाम के एक कोडर को पहली बार 10 बिटकॉइन के रूप में लेनदेन किया गया था. इसके बाद साल 2011 में सातोशी नकामोटो चले गए, किन्तु उनके द्वारा शुरू की गई, यह बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स के बीच काफी अधिक लोकप्रिय हो गई. उस दौरान एक बिटकॉइन की कीमत एक डॉलर के बराबर थी, किन्तु 6 साल बाद ही इसकी कीमत 20 हजार अमेरिकी डॉलर हो गई. और आज की बात करें तो इसकी कीमत 13 लाख रूपये के बराबर तक पहुँच चुकी हैं.



ब्लॉकचैन क्या है और कैसे कार्य करती है (What is Blockchain ?)

ब्लॉकचैन डिस्ट्रिब्यूटेड लेडर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) का उपयोग करती हैं ताकि सिस्टम से तीसरे पक्ष को हटाया जा सकें. इसका मतलब यह है कि जिस तरह से जब हम किसी के साथ लेनदेन करते हैं तो बीच में कुछ न कुछ 3rd पार्टी होती हैं जो इस लेनदेन को पूरा करने में सहायक होती हैं लेकिन इसमें ऐसा नहीं होता हैं. क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन में जिस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता हैं, वह एक शेयर किया हुआ डेटाबेस होता हैं, जहाँ लेनदेन की जानकारी दर्ज की जाती है. यह टेक्नोलॉजी को ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी कहा जाता है. दरअसल ब्लॉकचैन हर लेनदेन का एक डेटाबेस हैं इसमें जो लेनदेन किये जाते हैं उसकी जानकारी ब्लॉक के रूप में होती हैं और फिर ये ब्लॉक्स एक – एक करके डेटाबेस के साथ जुड़कर एक लंबी श्रंखला बना देते हैं. यही ब्लॉकचैन होती हैं. ब्लॉकचैन में एक बार जानकारी चली गई उसके बाद इसे हटाया या बदला नहीं जा सकता हैं. और न ही इसे हर कोई देख सकता है. पूरे डेटाबेस को हजारों कंप्यूटर्स के नेटवर्क पर स्टोर किया जाता हैं जिसे नोड्स कहते हैं. कोई भी नई जानकारी ब्लॉकचैन में तब जोड़ी जाती हैं जब आधे से अधिक नोड्स इस बात से सहमत होते हैं की यह पूरी तरह से वैध हैं और सही भी है.



क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित कुछ जानकारी (Cryptocurrency Related Some Information)

क्रिप्टोकरेंसी को समझने से पहले आप नीचे दिए हुए कुछ बिन्दुओं पर नजर डालिए –


  • डिजिटल :- क्रिप्टोकरेंसी को हम देख नहीं सकते हैं, क्योंकि यह कंप्यूटर पर होती हैं न कि सजीवन, इसलिए यह डिजिटल करेंसी हैं.


  • डीसेंट्रलाइज्ड :- क्रिप्टोकरेंसी के पास एक सेंट्रल कंप्यूटर या सर्वर नहीं है, उन्हें आमतौर पर हजारों कंप्यूटर्स के नेटवर्क पर वितरित किया जाता है. एक बिना सेंट्रल सर्वर नेटवर्क को डीसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क्स कहा जाता है.


  • पीयर-टू-पीयर :- क्रिप्टोकरेंसी को एक व्यक्ति के पास से दुसरे व्यक्ति को ऑनलाइन पास किया जाता है. इसमें यूजर्स बैंक या पेइंग सिस्टम या फिर फेसबुक के मध्यम से एक दूसरे के साथ इंटरैक्ट नहीं करते हैं. यानि इसमें कोई भी तीसरा पक्ष नहीं होता हैं. बल्कि इसमें सीधे एक – दूसरे के साथ पारस्परिक व्यवहार होता है, और इसे ही पीयर-टू-पीयर कहा जाता है.


  • सूडोनिमस :- इसका मतलब यह होता है कि आपको क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करने के लिए कोई व्यक्तिगत जानकारी भी नहीं दी जाती हैं और न ही देनी पड़ती हैं. इसका उपयोग करने वाले के लिए कोई भी नियम निर्धारित नहीं किये गये हैं.


  • विश्वसनीय :- इसमें कोई भी तीसरे पक्ष पर भरोसा नहीं करना होता हैं इसमें धन और सूचना का पूर्ण नियंत्रण हर समय यूजर्स के हाथ में रहता है.


  • एन्क्रिप्टेड :- प्रत्येक यूजर्स के पास एक विशेष कोड होते हैं ताकि उनकी जानकारी को अन्य यूजर्स द्वारा एक्सेस न किया जा सके. इसे क्रिप्टोग्राफी कहा जाता हैं. और इसे हैक करना भी लगभग असंभव ही है. जब जानकारी क्रिप्टोग्राफी के साथ छिपी होती हैं, तो इसे एन्क्रिप्टेड किया जाता है.

  • ग्लोबल :- सभी देशों की अपनी एक करेंसी होती हैं जिसे फ़िएट करेंसी कहा जाता है, दुनिया भर में फ़िएट करेंसी का उपयोग करना काफी मुश्किल काम है. इसलिए इसके स्थान पर आप यदि क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते हैं तो यह काम बहुत आसानी से हो जायेगा.



Cryptocurrencies में invest कैसे करें?

Cryptocurrencies में invest करने के लिए आपको सही प्लाट्फ़ोर्म का चुनाव करना होगा। क्यूँकि यदि सही प्लाट्फ़ोर्म न चुना जाए तब आपको ज़्यादा फ़ीस देनी पड़ सकती है ट्रेडिंग करते वक्त। ऐसे ही भारत में अभी के समय में सबसे पोपुलर Cryptocurrency प्लाट्फ़ोर्म है “Wazirx“।

इसमें investment करना और ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान है और इसके फ़ाउंडर भी एक भारतीय ही हैं। मैंने भी इसमें investment किया है और कई वर्षों से किया है। आप भी चाहें तो इसमें अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं।



क्रिप्टो कैसे खरीदें और बेचें?

इस सवाल का जवाब भी अब आसान हो गया है. बढ़ती लोकप्रियता के चलते अब बाजार में ढेरो क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स हैं. ऐसे में देश में Bitcoin और Dogecoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना और बेचना काफी आसान है. पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स में WazirX, Zebpay, Coinswitch Kuber और CoinDCX GO के नाम शामिल हैं. इन्वेस्टर्स Coinbase और Binance जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स से Bitcoin, Dogecoin और Ethereum जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी भी खरीद सकते हैं.

सबसे खास बात यह है कि खरीदारी के ये सभी प्लेटफॉर्म चौबीसों घंटे खुले रहते हैं. क्रिप्टोकरेंसी को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया भी काफी आसान है. आपको केवल इन प्लेटफॉर्म्स पर साइन अप करना होगा. इसके बाद अपना KYC प्रोसेस पूरा कर वॉलेट में मनी ट्रांसफर करना होगा. इसके बाद आप खरीदारी कर पाएंगे. 



क्रिप्टोकरेंसी को कैसे ख़रीदा जा सकता है ? (How to Buy Cryptocurrency ?)

यह तो हमने आपको बता दिया है कि आप सभी तरह की क्रिप्टोकरेंसी के साथ भुगतान कर सकते हैं. लेकिन यदि आप किसी प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी को खरीदने का मन बना रहे हैं, तो उसके लिए आपको एक वॉलेट की आवश्यकता होगी, जोकि एक ऑनलाइन एप हैं जो आपकी करेंसी को होल्ड कर सकता है. आम तौर पर कुछ क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग एक्सचेंज होते हैं जिस पर एक खाता बनाया जाता हैं इसी खाते में आप कुछ वास्तविक पैसे जमा कर क्रिप्टोकरेंसी को खरीद सकते हैं. क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग एक्सचेंज में कुछ बहुत ही प्रसिद्ध हैं उनमें से एक कॉइनबेस है, यहाँ आप एक वॉलेट बना सकते हैं और कोई भी क्रिप्टोकरेंसी की खरीद और बिक्री की जा सकती हैं. इसके अलावा, ऑनलाइन ब्रोकर रोबिनहुड मुफ्त में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेड्स की पेशकश करता है. रोबिनहुड क्रिप्टो अधिकांश जगह पर उपलब्ध हैं, लेकिन सभी जगह नहीं जैसे यह यूएस राज्यों में उपलब्ध नहीं है.


कैसे होता है लेन-देन?

क्रिप्टोकरेंसी में जब भी कोई ट्रैंजेक्शन होता है तो इसकी जानकारी ब्लॉकचेन में दर्ज की जाती है, यानी उसे एक ब्लॉक में रखा जाता है. इस ब्लॉक की सिक्योरिटी और इंक्रिप्शन का काम माइनर्स का होता है. इसके लिए वे एक क्रिप्टोग्राफिक (Cryptographic) पहेली को हल कर ब्लॉक के लिए उचित Hash (एक कोड) खोजते हैं. 



Cryptocurrencies के प्रकार

क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार (Types of Cryptocurrency)

क्रिप्टोकरेंसी के कई प्रकार हैं यहां हम कुछ प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी के नाम एवं उसके बारे में कुछ चर्चा कर रहे हैं 

देखा जाये तो Cryptocurrencies बहुत सारे हैं लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे हैं जो की अच्छा perform कर रहे हैं और जिन्हें आप Bitcoin के अलावा भी इस्तमाल कर सकते हैं.


1. Bitcoin (BTC)

अगर हम Cryptocurrency की बात करें और Bitcoin की बात न हो तब तो ये बिलकुल भी मुमकिन नहीं है. क्यूंकि Bitcoin दुनिया से सबसे पहला Cryptocurrency है. जिसे Satoshi Nakamoto ने 2009 में बनाया था. ये एक digital currency है जिसे की केवल online ही goods और services खरीदने के लिए इस्तमाल किया जाता है. यह एक De-centrallized currency है जिसका मतलब है की इसपर Government या कोई भी institution का कोई भी हाथ नहीं है. अगर हम आज की बात करें तो इसका मूल्य अब काफी बढ़ गया है जो की अब लगभग 13 Lacks के करीब है एक coin का मूल्य. इससे आप इसके वर्तमान के महत्व के बारे में पता लगा सकते हैं.


2.Ethereum (ETH)

Bitcoin के जैसे ही Ethereum भी open-source, decentralized blockchain-based computing platform है. इसके Founder का नाम है Vitalik Buterin. इसके Cryptocurrency token को ‘Ether’ भी कहा जाता है. ये Platform इसके users को digital token बनाने में मदद करता है जिसकी मदद से इसे currency के तोर पर इस्तमाल किया जा सकता है. हाल ही में ही एक Hard Fork के होने से Ethereum दो हिस्सों में विभाजित हो गया है Etherem (ETH) और Etheriem Classic (ETC). Bitcoin के बाद ये दूसरा सबसे प्रसिद्ध Cryptocurrency है.


3. Litecoin (LTC)

Litecoin भी decentralized peer-to-peer cryptocurrency है जिसे की एक open source software जो की release हुआ है under the MIT/X11 license के अंतर्गत October, 2011 में Charles Lee के द्वारा जो की पहले एक Google Employee रह चुके हैं. इसके बनने के पीछे Bitcoin का बहुत बड़ा हाथ है और इसकी बहुत सारी features Bitcoin से मिलती झूलती हैं. Litecoin की block generation की time Bitcoin के मुकाबले 4 गुना कम है. इसलिए इसमें Transaction बहुत हो जल्दी पूर्ण हो जाती हैं. इसमें Scrypt algorithm का इस्तमाल होता है Mining करने के लिए.


4. Dogecoin (Doge)

Dogecoin की बनने की कहानी काफी रोचक है. इसे Bitcoin को मजाक करने के लिए कुत्ते से उसकी तुलना की गयी जो आगे चलकर एक Cryptocurrency का रूप ले लिया. इसके Founder का नाम है Billy Markus. Litecoin की तरह ही इसमें भी Scrypt Algorithm का इस्तमाल होता है. आज Dogecoin की Market Value है $197 million से भी ज्यादा और इसे पुरे विश्व में 200 merchants से भी ज्यादा में accept किया जाता है. इसमें भी Mining दूसरों के मुकाबले बहुत जल्दी होती है.


5. Tether (USDT)

Coinmarketcap.com के अनुसार, 17 जनवरी को 78 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ टीथर सबसे बड़ी स्थिर मुद्रा है। ये Bitcoin की blockchain technology का इस्तमाल करता है. स्थिर मुद्रा अमेरिकी डॉलर और यूरो में आंकी गई अस्थिरता को कम करती है, और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है, लेकिन अस्थिरता का सामना करने के लिए अनिच्छुक हैं।


6. Binance Coin (BNB)

यह क्रिप्टोकुरेंसी बिनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज की मूल क्रिप्टोकुरेंसी है, जो वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। Binance को केवल 2017 में लॉन्च किया गया था, लेकिन अपने प्लेटफॉर्म पर व्यापार को सुविधाजनक बनाकर बहुत तेजी से विस्तार किया। क्रिप्टो ने 2017 में अपनी कीमत से एक लंबा सफर तय किया है जो कि सिर्फ $0.10 था जो 3 जनवरी 2022 को 5200% पर बढ़कर 5200% हो गया। 17 जनवरी को Coinmarketcap.com के अनुसार, Binance (BNB) लगभग 80 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ चौथे स्थान पर है।


7. Solana (SOL)

हाल ही में, सोलाना को गिरावट का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन क्रिप्टो इस सूची में 2021 में अपनी बेहद सफल उपलब्धि के कारण तीसरे स्थान पर है। एसओएल ने खुद को बाजार में सबसे तेजी से बढ़ने वाली क्रिप्टो में से एक साबित कर दिया है। इसके अलावा, इसमें कोई असहमति नहीं हो सकती है कि एसओएल एथेरियम के लिए सबसे बड़ा प्रतियोगी है। रिपोर्टों के अनुसार, 2021 में SOL टोकन 13,662% बढ़ा।


8. Ripple (XRP)

Ripple 2012 में release हुआ और ये distributed open source protocol के ऊपर based है, Ripple एक real-time gross settlement system (RTGS) है जो की अपनी खुद की Cryptocurrency चलता है जिसे की Ripples (XRP) भी कहा जाता है.

ये बहुत ही ज्यादा और famous Cryptocurrency है और जिसकी overall market cap है लगभग $10 billion. इनके Officials के अनुसार Ripple users को “secure, instant and nearly free global financial transactions किसी भी size के करने के लिए प्रदान करती है और जिसमें कोई भी chargebacks नहीं होती है.


9. Polygon

इस साल की संभावनाएं काफी अच्छी मानी जा सकती हैं। और विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इसका श्रेय एथेरियम को जाता है। क्रिप्टो पूरी तरह से ETH 2.0 संस्करण में संक्रमण के लिए पूरी तरह से तैयार है, जो बहुभुज जैसे परत -2 समाधानों पर बहुत अधिक निर्भर करता है। यह यह भी संकेत दे सकता है कि पॉलीगॉन में मूल्य में वृद्धि का अनुभव करने के लिए बढ़त है, और यह खरीदने और रखने का एक अच्छा विकल्प है।


10.Monero

 मोनेरो (एक्सएमआर) :- यह क्रिप्टोकरेंसी का अंतिम प्रकार हैं जोकि सन 2014 में शुरू किया गया था. यह सभी तरह की प्रणाली पर कार्य करती हैं. और साथ ही बिटकॉइन की तरह ही हैं. इस क्रिप्टोकरेंसी में कंस्यूमर – लेवल सीपीयू’स का प्रयोग किया जाता हैं.



क्रिप्टोकरेंसी लोकप्रिय क्यों है ? (Why is Cryptocurrency Popular ?)

कई कारणों से क्रिप्टोकरेंसी अपने समर्थकों के बीच लोकप्रिय हैं इनमें से कुछ के बारे में जानकारी हम यहां दे रहे हैं –

  • ऐसे लोग जोकि बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते हैं या जिन्होंने किया हैं, इसे भविष्य की एक मुख्य करेंसी के रूप में देखते हैं. और उन्हें खरीदने के लिए उनके प्रतिस्पर्धियों के बीच दौड़ लगी हुई होती हैं कि उनसे पहले वे अधिक मूल्यवान हो जाएँ.

  • कुछ समर्थक इस कारण से इसे पसंद करते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी पैसों की आपूर्ति के मैनेजमेंट को हटा सकती है. क्योंकि समय के साथ यह बैंक मुद्रास्फीति के माध्यम से पैसों की वैल्यू को कम कर देगी.

  • तो कुछ अन्य समर्थक क्रिप्टोकरेंसी की टेक्नोलॉजी यानि ब्लॉकचैन को पसंद कर रहे हैं. क्योंकि यह एक डिसेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग और रिकॉर्डिंग सिस्टम है, और यह परिवारिक भुगतान प्रणाली की तुलना में अधिक सुरक्षित भी हो सकती हैं.

  • क्रिप्टोकरेंसी कुछ सट्टेबाजों को भी पसंद आ रही है. क्योंकि यह मूल्य में ऊपर जा रही है और उन्हें पैसों को स्थानांतरित करने के लिए करेंसी की लॉन्ग टर्म स्वीकृति में कोई दिलचस्पी नहीं है.



क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग (Cryptocurrecy Trading)

क्रिप्टोकरेंसी खरीदना और बेचना बहुत बड़ा व्यवसाय बन गया है. दुनिया में सभी क्रिप्टोकरेंसी का कुल मूल्य 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है. और अब तक 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर के मूल्य के क्रिप्टोकरेंसी को खरीदा और बेचा गया है. आप क्रिप्टो एक्सचेंज जैसे बिनांस, बिटस्टाम्प और कॉइनबेस के साथ ऑनलाइन व्यापार कर सकते हैं. आप लोकलबिटकॉइन.कॉम जैसी पीयर-टू-पीयर साईट के साथ एक व्यक्ति के रूप में क्रिप्टोकरेंसी का व्यापार करने की व्यवस्था भी कर सकते हैं.


एक क्रिप्टोकरेंसी बाजार एक ऐसी जगह हैं जहाँ व्यापारी लाखों कमा भी सकते हैं, या फिर खो भी सकते हैं. यह रातोंरात बनाई जा सकती हैं और तेजी से गायब भी हो जाती है. किसी भी नौसिखिया व्यापारी के लिए आवश्यक हैं कि वे इस चीज का ध्यान रखें कि वे केवल उतना ही खर्च करें, जितना वे खो सकते हैं. अतः क्रिप्टो ट्रेडिंग को इस तकनीक को समर्थन करने के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए न कि तुरंत ही अमीर होने के लिए.



क्या क्रिप्टोकरेंसी कानूनी रूप से सही है ? (Are Cryptocurrencies legal ?)

इस सवाल का जवाब हर देश का अपना अलग – अलग हो सकता है, क्योंकि दुनिया में बहुत से देशों में क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग किया जा रहा हैं, जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका आदि. किन्तु फिर भी कुछ देशों में यह पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं जिसमें चीन का नाम शामिल हैं. आपको बता दें कि चीन के साथ – साथ यह हमारे भारत देश में भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है.



CryptoCurrency के फायदे

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे (Cryptocurrecy Benefits)

अब चलिए कुछ CryptoCurrency के फ़ायदों के बारे में जानते हैं :-


  • क्रिप्टोकरेंसी में जो भी लेनदेन किया जाता हैं वह सब कुछ ऑनलाइन मोड में होता हैं, साथ ही इसमें सुरक्षा बहुत मजबूत ही होती हैं, क्योंकि इसमें जिस तकनीक का उपयोग किया जाता हैं, वह विशेष प्रकार की सिक्यूरिटी वाली तकनीक होती हैं, इसलिए इसमें धोखाधड़ी की संभावनाएं बहुत ही कम होती है. और न ही कोई व्यक्ति इसे हैक कर पाता हैं.

  • क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किया जाने वाला लेनदेन और आप जो नॉर्मल लेनदेन करते हैं दोनों में अंतर होता हैं, क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी में किया जाने वाला लेनदेन बहुत ही कड़ी निगरानी में एवं सुरक्षित तरीके से किया जाता हैं.

  • आपके द्वारा क्रेडिट कार्ड से भुगतान किये जाने पर प्रत्येक भुगतान पर आपको अतिरिक्त चार्ज अधिक देना पड़ता हैं, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी इसके लिए लाभकारी होगी, क्योंकि इससे एक तो आप अधिक मात्रा में किसी को भुगतान कर रहे हैं तो वह भी हो जायेगा और साथ ही इसमें लेनदेन का चार्ज भी क्रेडिट कार्ड की तुलना में बहुत कम होता है.

  • Cryptocurrency में fraud होने के chances बहुत ही कम हैं.

  • Cryptocurrency की अगर बात की जाये तो ये normal digital payment से ज्यादा secure होते हैं.

  • इसमें transaction fees भी बहुत है कम है अगर हम दुसरे payment options की बात करें तब.

  • इसमें account बहुत ही secure होते हैं क्यूंकि इसमें अलग अलग प्रकार के Cryptography Algorithm का इस्तमाल किया जाता है.

इन्हीं सब फायदों के कारण क्रिप्टोकरेंसी आज के समय में लोगों के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प बनी हुई हैं.



Cryptocurrency के नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी से नुकसान (Cryptocurrecy Drawbacks)

अब चलिए कुछ CryptoCurrency के नुकसान के बारे में जानते हैं :-

किसी भी चीज की जहां खासियत होती हैं तो वहां इसमें कुछ कमी भी जरुर होती हैं, ठीक ऐसा ही क्रिप्टोकरेंसी में भी हैं. जी हां क्रिप्टोकरेंसी के फायदे तो हैं ही लेकिन अभी इसमें कुछ कमियां भी हैं जैसे –


  • Cryptocurrency में एक बार transaction पूर्ण हो जाने पर उसे reverse कर पाना असंभव होता है क्यूंकि इसमें वैसे कोई options ही नहीं होती है.

  • अगर आपका Wallet के ID खो जाती है तब वो हमेशा के लिए खो जाती है क्यूंकि इसे दुबारा प्राप्त करना संभव नहीं है. ऐसे में आपके जो भी पैसे आपके wallet में स्तिथ होते हैं वो सदा के लिए खो जाते हैं



क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले नुकसान से अपनी रक्षा कैसे करें ? (How do i Protect Myself From Cryptocurrency’s Drawbacks ?)

क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले नुकसान से बचने के लिए आप को नीचे कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है –


  • सर्वप्रथम आप यह देखें कि कंपनी किसके नाम पर हैं? यदि जिसके नाम पर यह कंपनी हैं वह एक योग्य एवं प्रसिद्ध संगठन या व्यक्ति हैं, तो यह आपके लिए एक सकारात्मक संकेत होगा.

  • इसी तरह से यदि इसमें निवेश करने वाले व्यक्ति या संगठन भी प्रमुख होते हैं, यह भी आपके लिए एक अच्छा संकेत होगा.

  • आपकी हिस्सेदारी किस – किस में हैं यह भी ध्यान रखना होगा. इसका मतलब यह हैं कि आपका हिस्सा कंपनी में हैं या सिर्फ मुद्रा में हैं या फिर टोकन में हैं. इसका ख्याल रखना आवश्यक हैं. यदि आप कंपनी में पार्टनरशिप में है तो इससे आपको आपके शेयर के अनुसार पैसा मिलेगा, यदि आप मुद्रा में पार्टनरशिप में हैं तो आप उसकी कमाई में हिस्सा ले सकते हैं. लेकिन यदि आप टोकन खरीदते हैं तो आप उसका उपयोग करने के हकदार होंगे, जैसे कि कैसिनो में चिप्स.

  • आपको अंत में इसका भी ख्याल रखना होगा कि मुद्रा पहले से विकसित हैं या कंपनी इसे विकसित करने के लिए पैसे इकठ्ठा करना चाह रही हैं.


आज हर कोई इस करेंसी को लेने के पीछे भाग रहा हैं. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि यह करेंसी सफल ही होगी. इसमें चोरी के जोखिम होने की भी कुछ संभावनाएं होती हैं, क्योंकि हैकर्स हमेशा इस कोशिश में रहते हैं कि वे किसी तरह से आपके उस कंप्यूटर नेटवर्क को हैक करें और आपकी सम्पत्ति को अपने नाम कर लें. अतः इस क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करने में सफलता मिल सकती हैं, इसलिए आप केवल इसके उपयोग करते समय सभी चीजों पर ध्यान दें.



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क्रिप्टो करेंसी क्या है और कैसे काम करती है?

क्रिप्टोकरेंसी का मुख्य कार्य होता हैं एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में पैसे ट्रांसफर करना. और यह कार्य किया जाता हैं, ब्लॉकचैन के माध्यम से. ब्लॉकचैन बैंक की तरह कार्य करती है. इसमें जो भी लेनदेन किये जाते हैं, उसका पूरा रिकॉर्ड इस ब्लॉकचैन में होता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाती हैं.


क्रिप्टोकरेंसी का मतलब क्या है?

आसान भाषा में समझें तो क्रिप्टो करेंसी एक प्रकार की डिजिटल कैश प्रणाली है, जो एक निजी कंप्यूटर चेन से जुड़ी हुई है और कंप्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है। इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। इसकी लोकप्रियता में इस कदर इजाफा हो रहा है कि कई देश इसे लीगल कर चुके हैं।30-Nov-2021


कौन सी क्रिप्टोकरेंसी खरीदनी चाहिए?

सोलाना ( Solana)- पिछले साल की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में से एक। आइये जानते हैं सोलाना क्रिप्टो करेंसी क्या है? सोलाना 2022 में खरीदने और निवेश करने के लिए अन्य श्रेष्ठ क्रिप्टो करेंसी है जिसकी स्थापना 2020 में हुई थी, फिर भी कुछ ही वर्षों में यह बाजार में सबसे लोकप्रिय और प्रबल ब्लॉकचेन में से एक बन गया है।


क्रिप्टोकोर्रेंसी कैसे बनती है?

क्रिप्टोकरेंसी असल में Blockchain के माध्यम से काम करती है। यानि कि इसमें लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जाता है। साथ ही Powerful Computers द्वारा इसकी निगरानी की जाती है, जिसे Cryptocurrency Mining कहा जाता है। और जिनके द्वारा यह Mining की जाती है, उन्हें Miners (माइनर्स) कहा जाता है।


भारत की क्रिप्टो करेंसी कौन सी है?

1. CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) CBDC: सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी RBI भी अपनी Digital Currency को जल्द लाने की तैयारी कर रहा है जी हां दूसरी क्रिप्टो करेंसी की तरह हमारी खुद की क्रिप्टो करेंसी होगी। आरबीआई का कहना है की इस क्रिप्टो करेंसी से आपके लेन-देन का तरीका ही बदल जाएगा.


क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा कैसे करें?

क्षितिज कहते हैं कि लोगों ने भविष्यवाणी की थी कि बिटकॉइन लगभग $180-$200 के आसपास आकर खत्म हो जाएगा. लेकिन जनता द्वारा बड़े पैमाने पर अपनाने के साथ और यह अधिक विश्वास प्राप्त कर रहा है. पिछली तिमाही में बिटकॉइन (Bitcoin) के मार्केट कैप में लगभग $700 मिलियन डॉलर जोड़े थे. हालांकि, सितंबर 2020 के बाद से कीमत लगभग दोगुने से अधिक है. कई देश लाने वाले हैं क्रिप्टोकरेंसी हालांकि इस बात पर बहस होती रही है कि यह बबल स्पेस में है और किसी भी समय यह फट सकता है लेकिन बड़े पैमाने पर स्वीकृति और नए निवेशकों द्वारा प्रवेश करने से और अधिक वैल्युएबल हो गया है. भरोसा तो करना ही पड़ेगा क्योंकि कई देश अब अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने पर विचार कर रहे हैं. पहले सरकार इसे बैन करने पर विचार कर रही थी, लेकिन अब इसमें नरमी देखी गई है.


क्रिप्टो का भविष्य क्या है?

Bitcoin के बारे में दो बातें सबसे अहम हैं- एक, ये डिजिटल यानी इंटरनेट के ज़रिए इस्तेमाल होने वाली मुद्रा है और दूसरे, इसे पारंपरिक मुद्रा के विकल्प के तौर पर देखा जाता है. क्रिप्टोकरेंसी को इस समय भरोसे के संकट का सामना करना पड़ रहा है. सरकारें इसे शक़ की निगाहों से देखती हैं और इसे पारंपरिक करेंसी के लिए ख़तरा मानती हैं. सरकारों को ये भी लगता है कि क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी वर्चुअल दुनिया का हिस्सा है जो सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने की कोशिश कर रही है और वास्तविक दुनिया के समानांतर चलने की कोशिश कर रही है.


सरकार का क्या है रुख?

अहम बात यह है कि केंद्र सरकार नए प्रस्तावित बिल में क्रिप्टो करेंसी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा सकता है. इस बाबत वर्ष 2017 में एक कमेटी का केंद्र ने गठन किया था. इस कमेटी ने क्रिप्टो करेंसी पर पाबंदी लगाने का प्रस्ताव दिया था. ऐसे में क्रिप्टो करेंसी के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार सभी क्रिप्टो करेंसी पर पाबंदी लगाने का फैसला ले सकती है. 


क्या वाकई में क्रिप्टोकरेंसी से कार-गाड़ी जैसी कोई चीज़ खरीद सकते हैं?

इसके जवाब में क्षितिज कहते हैं कि हां, क्रिप्टो एक भारतीय रुपये की तरह है जिसका अपना मूल्य है. अभी, क्रिप्टो दुनियाभर की अधिकांश सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है. जब ऐसा होगा, तो हमारे पास किसी भी अन्य मुद्रा की तरह क्रिप्टो मुद्रा का उपयोग होगा. क्योंकि यह लोगों के बीच साधारण विनिमय का हिस्सा होगा.



आज आपने क्या सीखा

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को क्रिप्टोकरेंसी क्या है (Cryptocurrency in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और मैं आशा करता हूँ आप लोगों को Cryptocurrency के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा.

आपको यह लेख Cryptocurrency क्या है कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

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