Translate This Website In Any Language

फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? | (Fast Food Business Plan 2023)

भारत में फास्ट फूड का बिजनेस कैसे शुरू करे | How to Start Fast Food Business in India in hindi

फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? | Fast Food Business Plan in Hindi

Fast Food Business Plan in Hindi: आज के समय मे लोग काम में इतना व्यस्त रहते है कि घर से खाना खा नहीं पाते है और बाहर किसी काम से गये तो फ़ास्ट फ़ूड में जैसे चाउमीन, मंचूरियन, वेज राइस, डोसा मसाला आदि का सेवन करते है।


कुछ बिज़नेस करने वाले व्यक्तियों की बढ़ती आमदनी के कारण लोगों को फास्टफूड तेजी से आकर्षित कर रहा है। फ़ास्ट फ़ूड को जंक फ़ूड भी कहते है। हम यहाँ पर फास्ट फूड रेस्टोरेंट बिज़नेस प्लान (fast food business in hindi) के बारे में विस्तार से जानने वाले है।

फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? | Fast Food Business Plan


यदि आप फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? (fast food business ideas in hindi) के बारे में जानना चाहते है तो यह आर्टिकल अंत तक पूरा जरूर पढ़े।


अगर आप खाना बनाना पसंद करते है और अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट करना चाहते है, तो आप अपना स्वयं का फास्ट फूड का बिजनेस स्टार्ट कर सकते है. अपना स्वयं का फास्ट फूड का रेस्टोरेंट  खोलना या स्टॉल लगाना एक बहुत ही अच्छा आईडिया है क्योंकि आजकल लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण ऐसी जगहों पर जाना बहुत पसंद करते है. आजकल फास्ट फूड रेस्टोरेंट को क्विक सर्विस रेस्टोरेंट  के नाम से भी जाना जाता है, यहाँ पर ग्राहकों को अपना आर्डर करने के बाद इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि उन्हें तुरंत आर्डर करते से अपना खाना तैयार मिलता है. आज की इस व्यस्त दिनचर्या में इस तरह के रेस्टोरेंट  बहुत चलन में है.


परंतु आज के समय में फास्ट फूड का बिजनेस स्टार्ट करना और उसमे सफलता पाना इतना आसान नहीं है. यहाँ हम अपने आर्टिकल के द्वारा आपको इस बिजनेस से संबंधित कुछ टिप्स देने जा रहें है जो आपको आपके नये सफर की शुरुआत में सहायक होंगे.


फास्ट फूड क्या है?

आप में से हर एक व्यक्ति ने फास्ट फूड का नाम तो सुना ही होगा और बहुत से लोग ऐसे भी होंगे, जो अपने पूरे जीवन भर में कभी ना कभी तो इसे खाये भी होंगे, परंतु इन सभी के बावजूद भी यदि आप में से किसी व्यक्ति को फास्ट फूड के विषय में कोई जानकारी प्राप्त करनी है या यह पता करना है कि आखिर फास्ट फूड क्या है?


तो हम आपको बता देना चाहेंगे कि फास्ट फूड एक अंग्रेजी भोजन होता है। यदि हम सभी लोग फास्ट फूड के शाब्दिक अर्थ को देखे तो इसका अर्थ होता है कि ऐसे भोजन जो बहुत ही जल्दी और तीव्र गति के साथ बनाया जाए।


यदि आप सभी लोगों को लगता है कि फास्ट फूड केवल शाकाहारी होता है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। जी हां, हमारे भारतीय फास्ट फूड तो शाकाहारी ही होते हैं, परंतु हम सभी लोगों ने जो अपने जीवन में अंग्रेजी फास्ट फूड को उतारा है तो वे शाकाहारी होने के साथ-साथ मांसाहारी भी होते हैं।


हालांकि ग्रामीण इलाकों में अभी आपको कहीं फास्ट फूड देखने को मिले तो वहां पर दोनों ही चीजें एक साथ बनाई जाती हैं अर्थात मांसाहारी फास्ट फूड और शाकाहारी फास्ट फूड एक ही एक ही साथ जाता है। परंतु इसके साथ-साथ कुछ फास्ट फूड शॉप ऐसे भी हैं, जहां पर सिर्फ और सिर्फ मांसाहारी या सिर्फ और सिर्फ शाकाहारी फास्टफूड बनाया जाते हैं।


वही हम यदि शहरों की तरफ एक नजर डालें तो हमें दिखेगा कि हर एक फास्ट फूड शॉप पर मांसाहारी और शाकाहारी चीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है ताकि लोगों के धर्म के साथ खिलवाड़ ना हो सके।


भारत में फास्ट फूड के प्रकार (फास्ट फूड आइटम्स इन इंडिया)

भारत में फास्ट फूड खाने का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके के स्वाद पसंद किए जाते हैं। इस वजह से बहुत सी विदेशी कंपनियां जो फास्ट फूड बनाती हैं। भारत में अपने आउटलेट्स ओपन कर रही हैं और मोटा मुनाफा कमा रही है।


क्योंकि फास्ट फूड खाने का स्वाद ऐसा होता है कि लोगों की जुबान पर बस जाता है। भारत के कुछ प्रसिद्ध फास्ट फूड जैसे इडली, डोसा, खमण, जलेबी, फाफड़ा, समोसा, कचोरी बहुत प्रसिद्ध है।


लेकिन भारत में कुछ विदेशी फास्ट फूड ऐसे हैं, जो उनकी तुलना में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है जैसे चाऊमीन, नूडल्स, फ्राइड राइस, मोमोज और भी बहुत कुछ है। इसके अलावा अमेरिका में मिलने वाले फास्ट फूड जैसे बर्गर, पिज़्ज़ा, सैंडविच, फ्राइड चिकन आदि के आउटलेट्स भारत में खुल गए हैं।


इसके अलावा भी भारत में बहुत से फास्ट फूड मिलते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा फेमस चाइनीस फास्ट फूड है। क्योंकि वह स्वाद में सबसे अलग और अच्छे होते हैं, आइए इन सभी फास्ट फूड आइटम्स (types of fast food in india) को एक बार फिर से सूचीबद्ध तरीके से देखते हैं:


  1. खमण

  2. जलेबी

  3. फाफड़ा

  4. समोसा

  5. डोसा

  6. इटली

  7. कचोरी

  8. पिज़्ज़ा

  9. बर्गर

  10. चाऊमीन

  11. फ्राइड राइस

  12. सैंडविच

  13. चिकन राइस

  14. एग रोल

  15. फ्राइड चिकन

  16. मोमोज

  17. मंचूरियन

  18. वड़ा पाव

  19. पाव भाजी



भारत में फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? (fast food business kaise kare)

बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें खाना बनाना बहुत ही ज्यादा पसंद होता है और वे अपने इस पसंद को लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, इसके लिए वे रेस्टोरेंट इत्यादि शुरू करते हैं। यदि आपको अपने इस बिजनेस में सक्सेस चाहिए तो आपको फास्ट फूड भी अपने रेस्टोरेंट में शामिल करना चाहिए।


आपको आप खुद का फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस कही पर भी स्टॉल और रेस्टोरेंट खोल सकते है। बिज़नेस शुरू करने से पहले आपको आईडिया होना चाहिए कि किस जगह आप फ़ास्ट फ़ूड बिज़नेस शुरू कर सकते है?


यदि आप गांव मे फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस शुरू करते है तो वहां पर आपका बिज़नेस ज्यादा चलेगा। क्योंकि गांव के अधिकतर लोग फ़ास्ट फ़ूड खाने के लिए रोज़ शहर आते है। ऐसे मे आप गांव में चाउमीन, पास्ता, मसाला डोसा, इटली, मंचूरियन, बर्गर, पनीर रोल आदि का बिज़नेस गांव में जहाँ पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होती हो, उस जगह फ़ास्ट फ़ूड स्टॉल लगा कर अच्छा खासा पैसा कमा सकते है।



बिजनेस के लिए टिप्स (Tips for the business)

  • सबसे पहले आपको अपने लिए एक अच्छा बिजनेस प्लान तैयार करना होगा. एक अच्छे बिजनेस प्लान में बहुत सारी बातें जैसे आपका बिजनेस कैसे स्टार्ट होगा, कुल खर्चा, प्रॉफिट और आपके ग्राहकों का अनुमान लगाना आदि शामिल होगा. इसके अतिरिक्त आपको अन्य बातें जैसे जरुरी लाइसेंस, सरकार की तरफ से परमिट आदि बातोँ का भी ध्यान रखना होगा.

  • इसके अतिरिक्त आपको फूड विभाग से भी संबंधित लाइसेंस लेना होगा. इसके लिए आपको सर्वप्रथम अपने क्षेत्र के फूड ऑफिस जाकर संबंधित जानकारी लेनी होगी और अपने दस्तावेज प्राप्त करने होंगे. आपको यह लाइसेंस प्राप्त होने के पहले फूड विभाग द्वारा आपके सामान और जगह का परीक्षण किया जायेगा.

  • बाजार में अपनी अच्छी छवि स्थापित करने के लिए आपको अपने रेस्टोरेंट से अच्छी क्वालिटी और स्वादिष्ट खाना परोसना चाहिये, ताकि इससे अन्य ग्राहक भी आपकी ओर आकर्षित हो.

  • आपको यह ध्यान में रखना होगा कि लोग बाहर का खाना पसंद करते है, परंतु वे इसके लिए अपनी सेहत के साथ समझौता कतई बर्दाश नहीं करते. इसलिए अपने रेस्टोरेंट के लिए मेन्यु और अन्य विकल्प चुनते वक्त इस बात का ध्यान अवश्य रखे.

  • एक रेस्टोरेंट के मालिक होने के नाते आपको आर्डर लेना और डिलीवरी देने के अलावा अन्य बातोँ की भी जिम्मेदारी आपको लेनी होगी. क्योंकि ग्राहक किसी भी चीज में समझौता स्वीकार नहीं करते.



फास्ट फूड मार्किट रिसर्च

फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस शुरू करने से पहले मर्केट रिसर्च कर लें कि किस क्षेत्र में फ़ास्ट फ़ूड की कितनी दुकानें पहले से खुली है। मार्केट में जिस जगह पर फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस चलेगा, इन सब चीजों के बारे में पहले अच्छे से रिसर्च करना चाहिए। तभी आपका फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस मर्केट मे अच्छा चल सकता है।


अगर आप फ़ास्ट फ़ूड के लिये रेस्टोरेंट खोलना चाहते है तो कम से कम 5 लाख रूपये तक का खर्चा आएगा। पहले स्टोरेंट को सही से ज़माने मे खर्चा आता है। रेस्टोरेंट खरीदने पर पैसे देने का खर्चा अलग से आता है और रेस्टोरेंट मे फ़ास्ट फ़ूड का सामान का खर्चा सब्जियां, तेल, मिर्च, मसालें का खर्चा आता है। लेकिन मर्केट में ऐसी जगह पर फ़ास्ट फ़ूड का रेस्टोरेंट खोले जहाँ पर ज्यादा रेस्टोरेंट नहीं हो।


ताकि आप जितना पैसा अपना रेस्टोरेंट खोलने लगा रहे है, उतना ही पैसा फ़ास्ट फ़ूड का रेस्टोरेंट चलने पर ग्राहकों के आने पर आमदनी हो। आप अपने रेस्टोरेंट में ग्राहकों के लिये सारी सुविधाएं रखे। ताकि आपके फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट में ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आये और आपका रेस्टोरेंट जितना चलेगा, उतनी ही आपकी कमाई होंगी।



फास्ट फूड बिजनेस के लिए कच्चे माल की कीमत और कहां से खरीदें?

फास्ट फूड बनाने का रो मटेरियल या कच्चा माल किसी भी क्रॉस ग्रोसरी स्टोर या फिर किराने की दुकान पर आसानी से मिल जाता है। अलग-अलग फास्ट फूड बनाने का अलग-अलग रो मटेरियल आता है। जैसे यदि आपको पिज़्ज़ा बनाना है तो उसके लिए रेडीमेड पिज़्ज़ा मार्केट में उपलब्ध हो जाते हैं, जिन्हें सिर्फ ओवन में डालना होता है और वह तैयार हो जाते हैं।


मार्केट में उसकी कीमत ₹30 पैकेट से शुरुआत होती है या फिर आप पिज़्ज़ा घर में बना सकते है, जिसके लिए आपको मैदा चाहिए होगा और टॉपिंग्स के लिए अलग-अलग रॉ मैटेरियल अपने स्वाद अनुसार ले सकते हैं। मैदा मार्केट में 25 से ₹30 किलो मिल जाएगा। सॉस आपको ₹15 पैकेट से लेकर बड़े पैकट मिल जाएगा और सब्जियां मार्केट भाव से मिल जाएंगी।


यदि बर्गर बनाना हो तो उसके लिए आपको ब्रेड लगेगी और कच्ची सब्जियां, जिन्हें आप आसानी से ग्रॉसरी स्टोर से परचेस कर सकते हैं। इनका प्राइस क्वालिटी पर निर्भर करता है। ब्रेड आपको ₹20 से लेकर जैसी आप चाहे वैसी खरीद सकते है। क्योंकि बर्गर बनाने की ब्रेड अलग आती है।


खमण के लिए खमण बनाने का पाउडर पैकेट में मिलेगा, जिसका प्राइस ₹50 से स्टार्ट होता है या फिर यदि आप चाऊमीन बनाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको नूडल्स ग्रॉसरी स्टोर से मिल जाएंगे, जिसकी कीमत 100 रूपये से शुरू होती है।



फास्ट फूड बिजनेस के लिए मशीनों और उपकरणों की कीमतें और कहां से खरीदें?

फास्ट फूड बनाने के लिए अलग-अलग मशीनरी या अलग-अलग बर्तनों का उपयोग होता है, जैसे कि पिज़्ज़ा बनाने के लिए ओवन की आवश्यकता होती है।ओवन का प्राइस मार्केट में ढाई हजार रुपए से शुरू होता है और उसकी क्वालिटी के अनुसार उसका प्राइस भी बढ़ता रहता है तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से ओवन खरीद सकते हैं। यह किसी भी इलेक्ट्रॉनिक शॉप में आसानी से मिल जाएगा।


इडली बनाने के लिए भी इडली मेकर आता है, जो किसी बर्तन की दुकान से मिल जाएगा। जिसकी कीमत 300 रूपये से स्टार्ट होती है। वह भी क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग प्राइस में आता है।


चाऊमीन बनाने के लिए ज्यादा कुछ नहीं एक कड़ाही की आवश्यकता होती है जो किसी बर्तन की दुकान में आसानी से मिल जाती है। यह भी साइज और क्वालिटी के हिसाब से ₹300 से ₹500 तक मिल जाती हैं। फास्ट फूड बनाने के लिए वेजिटेबल कटिंग बोर्ड की 


आवश्यकता पड़ती है वो भी बर्तन की दुकान से मिल जाता है। क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग प्राइस में मिलता है।


ऐसे फास्ट फूड है, जिनको बनाने के लिए विशेष प्रकार की मशीनरी और बर्तन आते हैं, जो मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान या फिर बर्तन की दुकान में आसानी से मिल जाती हैं। जिनकी कीमत क्वालिटी और साइज के हिसाब से अलग-अलग होता है।



फास्ट फूड बिजनेस के लिए लोकेशन

अपने बिजनेस के लिए जगह का चयन कैसे करे? (How to select a place for the business?)

बिजनेस की सफलता पर उसकी जगह का बहुत असर पड़ता है. अगर आपका बिजनेस सही जगह पर स्थापित है, तो आप इसके द्वारा अधिक लाभ कमा सकते है. जब आप अपने रेस्टोरेंट  के लिए जगह का चुनाव करते है, तो आपको उस जगह को चुनना चाहिये, जहाँ अधिक ट्रैफिक होता हो और लोग जहाँ आसानी से पहुँच पाते हो.


कई प्रसिध्द रेस्टोरेंट  में अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए जब फ्रैंचाइज़ी ऑफर की जाती है तो उसके लिए भी व्यापार का स्ट्रक्चर और जगह के लिए रूल पहले से निर्धारित होते है. अगर आप इन कंडीशन को ध्यान में रखकर अपने खुद के व्यापार के लिए जगह का चयन करेंगे, तो यह आपके व्यापार को भी फायदा पहुंचायेगी.


फूड स्टॉल खोलने की सबसे सही लोकेशन वह होती है, जहां पर सुबह या शाम के समय बहुत भीड़ लगती हो, जहाँ पर लोगों का आना जाना होता हो। क्योंकि जिस भी जगह पर ज्यादा लोग आएंगे वहां पर ज्यादा बिक्री होगी और आपका मुनाफा भी बहुत अधिक होगा।


फ़ास्ट फूड इंस्टॉल खोलने के लिए आप किसी सरकारी ऑफिस के बाहर की जगह चुन सकते हैं या फिर किसी ऐसी जगह जहां मार्केट है। जैसे कपड़ा मार्केट बस स्टैंड रेलवे स्टेशन के बाहर या किसी पार्क के बाहर। ऐसी बहुत सारी जगह है, जहां पर फूड इंस्टॉल खोल सकते हैं।


रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बाहर हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती है और लोगों का आना-जाना जारी रहता है। जितनी ज्यादा लोगों की आवाजाही होगी, आपके फूड स्टॉल में उतनी ज्यादा बिक्री होने की संभावना होगी। इसके अलावा यदि आप किसी पार्क के बाहर फूड स्टॉल खोलते हैं तो वहां भी लोगों का आना जाना लगा रहता है और मुनाफे की संभावना बहुत बढ़ जाती है।


फूड स्टॉल आप किसी ऐसी जगह पर ना खोलें जहां लोगों का आना जाना कम हो या किसी विशेष मौके पर ही लोग आते जाते हो। क्योंकि ऐसा करने से आपके फूड इंस्टॉल में बिक्री होने की संभावनाएं कम हो जाएंगे और आप के मुनाफे के आसार भी बहुत कम हो जाएंगे।



फास्ट फूड बिजनेस आउटलेट के लिए अप्लाई कैसे करे ? (How to apply for small fast food outlet ?)

एक फास्ट फूड बिजनेस स्टार्ट करने के लिए आपको 5 लाइसेंस की जरुरत होगी, जिनमे एफएसएसएआई के द्वारा फूड लाइसेंस, लोकल मुन्सिपलिटी द्वारा हेल्थ लाइसेंस, सेफ्टी लाइसेंस, पुलिस विभाग की तरफ से लाइसेंस और जीएसटी लाइसेंस आदि शामिल होते है. इन सभी लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए आपको संबंधित ऑफिस जाना होगा, और इसके लिए आवश्यक कागजी कार्यवाही संपन्न करनी होगी. इस सब प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए  आपको लगभग 3 महीनें का वक्त लगेगा.



फास्ट फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन (License for Fast Food Shop)

फास्ट फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस कैसे बनवाएं (How to apply for fast food business License in India in hindi)

अपने फास्ट फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको फास्ट फूड सेफ्टी और स्टैंडर अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट www.fssai.gov.in पर विजिट करना होगा. यहाँ पर इसके लिए आपको लाइसेंस प्राप्त करने के लिए इसके लिए आवश्यक फीस भरनी होगी, जो लगभग 5000 रुपय होती है.


अपना जी एसटी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए आपको किसी सीए से संपर्क करना होगा. हेल्थ और सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए मुन्सिपल कार्पोरेशन के ऑफिस में संपर्क करना होगा यहाँ आपको सर्टिफिकेट के लिए आवश्यक फीस भी जमा करनी होगी, यह फीस लगभग 3000 रुपय तक होगी.


फ़ास्ट फूड स्टॉल खोलने के लिए सबसे पहले आपको उसका लाइसेंस लेना पड़ेगा, जो आपको Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) या भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण से आसानी से मिल जाएगा। फूड लाइसेंस लेने के लिए आपको FSSAI की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा और आप को आपके फूड स्टॉल की सारी जानकारी और अपनी सारी जानकारी देनी होगी।


जिसके बाद आपको ऑनलाइन फूड लाइसेंस मिल जाएगा, जिससे आप अपना फूड स्टॉल बिज़नेस खोल सकते हैं। आपको अपना फूड स्टॉल रजिस्ट्रेशन भी करवाना पड़ेगा जो कि एफएसएसएआई की वेबसाइट पर रजिस्टर होता है, जिसके लिए आपको कुछ फीस भी देनी पड़ती है। फीस अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है। आप अपना फूड स्टॉल रजिस्टर करने के बाद फूड स्टॉल खोल सकते हैं।



फास्ट फूड बिजनेस के लिए स्टाफ

फूड स्टॉल खोलने के लिए एक स्टाफ की आवश्यकता होती है। स्टाफ किसी एक व्यक्ति को नहीं कहा जाता। स्टाफ उन कुशल कारीगरों को कहा जाता, जिनसे मिलकर एक टीम बनती है, जो आपका फूड स्टॉल संचालित करेंगे। स्टॉल संचालित करने वाले स्टाफ में सबसे पहला व्यक्ति कुक होता है, जो कस्टमर के पसंद के अनुसार उन्हें खाना बना कर देगा।


यदि कुक अच्छा नहीं होगा तो खाना अच्छा नहीं बनाएगा और आपके फूड स्टॉल पर कस्टमर आना बंद हो जाएंगे। आप एक डिलीवरी बॉय भी रख सकते हैं। यदि ऑनलाइन डिलीवरी करना चाहे जो कि आज के समय में बहुत ही ज्यादा आवश्यक हो गया है। लोग अपने घर में ही खाना बनाना पसंद करते हैं, बाहर जाना पसंद नहीं करते।


आपको आपके फूड स्टॉल में बर्तन धोने वाले की भी आवश्यकता पड़ेगी, जो झूठे बर्तन साफ कर सके और एक हेल्पर की आवश्यकता भी पड़ेगी, जो वेजिटेबल काट सके और मार्केट से रो मटेरियल लेकर आए। इसके अलावा एक या एक से अधिक वोटरों की आवश्यकता भी होगी, जो झूठे बर्तन कस्टमर से लेकर आए और कस्टमर तक फूड सर्व कर सके। आपके फूड स्टॉल का स्टाफ जितना अधिक कुशल होगा, आपके फूड स्टॉल में मुनाफे की संभावना उतनी अधिक बढ़ जाएगी।



फास्ट फूड बिजनेस के लिए पैकिंग

आपके फूड स्टॉल पर बहुत से कस्टमर आएंगे जो फास्ट फूड पैक करवाने के लिए कहेंगे। आपको अपने फास्ट फूड स्टॉल पर पैकिंग की सुविधा भी रखनी होगी। क्योंकि यदि आप फास्ट फूड को पैक करने की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाएंगे तो आप को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि बहुत से कस्टमर ऐसे आते हैं, जो फास्ट फूड घर चले जाते हैं और जितना आपके स्टॉल पर खाएंगे उससे अधिक घर ले जाएंगे।


इस वजह से आपको अपने फूड स्टॉल पर अच्छी पैकिंग की सुविधा देनी होगी। यदि आप होम डिलीवरी की सुविधा भी रखते हैं अपने फूड स्टॉल पर तो उसके लिए भी आपको खाना पैक करके आपको डिलीवर करना पड़ेगा।



मार्केटिंग आईडिया  (Marketing ideas):

फास्ट फूड बिजनेस के लिए मार्केटिंग


फूड स्टॉल खोलने से पहले और खोलने के बाद मैं आपको उसकी मार्केटिंग करना जरुरी है। क्योंकि लोगों को आपके फूड स्टॉल के बारे में जानकारी नहीं होगी तो आपके स्टॉल पर नही आएंगे। यदि आप की मार्केटिंग स्किल अच्छी है और आप लोगों से अच्छे तरीके से कम्युनिकेशन कर पाते हैं तो आपके फूड स्टॉल में प्रॉफिट के आसार बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं।


क्योंकि आपकी मार्केटिंग जितनी अच्छी होगी लोगों तक आपके फूड स्टॉल की जानकारी अधिक पहुंचेगी। आपको स्टॉल खोलने से पहले जिस एरिया में आपको स्टॉल खोलना है, वहां आपके फूड स्टॉल खोलने की जानकारी लोगों को उपलब्ध करवानी होगी। ताकि लोगों की दिलचस्पी आपके फूड स्टॉल के बारे में बढ़ जाए।


स्टॉल खुलने के बाद भी आपकी मार्केटिंग बंद नहीं होनी चाहिए। फूड स्टॉल खुल जाने के बाद भी अपनी मार्केटिंग जारी रख सकते हैं। क्योंकि ऐसा करने से आपके स्टॉल से नए-नए लोग जुड़ेंगे और आप का खाना पसंद करेंगे। किसी भी बिजनेस के लिए मार्केटिंग बहुत ज्यादा जरूरी है। मार्केटिंग के माध्यम से ही लोग उस बिजनेस के बारे में जानते हैं और मार्केटिंग में लोगों को लाखों खर्चा करना पड़ता है। लेकिन मार्केटिंग के सबसे सरल और अच्छा तरीका है।


माउथ मार्केटिंग जिसमें आप तो कुछ खर्चा भी नहीं करना पड़ता। माउथ मार्केटिंग ऐसी है, जिसका कोई तोड़ नहीं है। यदि आप अपने फूड स्टॉल पर लोगों को अच्छा और स्वादिष्ट खाना खिलाएंगे तो लोग घर जाकर अपने सगे-संबंधियों, पड़ोसियों से आप के खाने की जानकारी देंगे और आप की मार्केटिंग मुफ्त में करेंगे।


किसी भी बिजनेस को स्टार्ट करने के बाद या कुछ पहले जो सबसे अहम चीज होती है वह है उसकी मार्केटिंग. जितना लोगों को आपके न्यू स्टार्टअप के बारे में पता होगा उतना लोग आपसे जुडेंगे और आप तक आयेंगे. फास्ट फूड बिजनेस के लिए कुछ मार्केटिंग आइडिया नीचे दिये गये है जो आपके काम आयेंगे .

स्थानीय फूड ब्लॉगर से संपर्क करे : आज के डिजिटल वर्ल्ड में यह मार्केटिंग का बहुत अच्छा तरीका है. ब्लॉगर मुख्यतः सेम फील्ड के ब्लॉगर आपके बिजनेस को और अधिक पहचान दिलाने में सहायता करते है. इनके द्वारा आपके नये फास्ट फूड रेस्टोरेंट की जानकारी अपने रीडरर्स तक पहुचाई जाती है और इनके अलावा इसे अन्य जगह भी पब्लिसिटी मिलती है.


सोशल नेटवर्क के द्वारा मार्केटिंग : आज कल युवा वर्ग के साथ साथ हर वर्ग के लोग सोशल मीडिया पर किसी ना किसी तरह से एक्टिव रहते है. इसलिए अपने नये बिजनेस की जानकारी सबतक पहुचाने का यह सबसे अच्छा जरिया होता है. इस सब के साथ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की इस पर अपनी पब्लिसिटी करने के लिए आपको ज्यादा पैसा भी खर्चा नहीं करना पढता.


आकर्षक पंपलेट और लोगो डिजाईन : आपके बिजनेस का लोगो बहुत ही आकर्षक होना चाहिये. इसी के साथ आप अपने बिजनेस का विज्ञापन लोकल चैनल और पंपलेट के द्वारा भी कर सकते है. जिससे लोगों को इसके बारे में जानकारी मिलेगी.



कुल निवेश (Total investment)

फास्ट फूड बिजनेस शुरू करने में आने वाली लागत (Fast Food Business Startup Cost)

फास्ट फूड बिजनेस शुरू करने से पहले हम सभी लोगों को इसके स्टार्ट अप कॉस्ट के बारे में सोचना चाहिए अर्थात इस बिज़नेस में आने वाली लागत। एक फास्ट फूड स्टॉल खोलने से पहले आपको मेनू में क्या क्या रखना है और मेनू में रखे गए खाने की कीमत क्या होनी चाहिए? यह तय करना होगा।


कीमत उस एरिया पर भी निर्भर करती है, जिस एरिया पर आप अपना फास्ट फूड स्टॉल खोल रहे हैं। क्योंकि यदि शहरी इलाके में फूड स्टॉल खोलते हैं तो वहां उस एरिया के हिसाब से आपको आपके खाने की कीमत रखनी पड़ेगी और यदि आप किसी नॉर्मल एरिया में अपना फूड स्टॉल खोलते हैं तो आप उस एरिया के हिसाब से अपनी खाने की कीमत कम रखनी पड़ेगी।


क्योंकि यदि आप अपने खाने की कीमत एरिया में अधिक रखेंगे तो लोग कम खाना खाएंगे भले ही आपका खाना कितना भी अच्छा क्यों ना हो। आपको खाने की कॉस्ट खाने के ऊपर भी निर्भर करती है कि आप कौन सा खाना सर्व कर रहे हो। पिज़्ज़ा की कॉस्ट एक बर्गर की कॉस्ट से अधिक होती है और पास्ता और मंचूरियन की कॉस्ट सेम ही होती है।


एक फास्ट फूड स्टॉल खोलने के लिए लाखों की लागत आ सकती है। यह लागत इस बात पर निर्भर करते कि आप किस प्रकार का फूड स्टॉल खोलना चाहते हैं। आप फूड स्टॉल कहीं किराए से दुकान लेकर खोलना चाहते हैं या एक फूड स्टॉल का ठेला बनवाना चाहते हैं और यदि ऐसा है तो उसमें लागत कम आती है।


क्योंकि दुकान में आपको सिर्फ फूड स्टॉल के लिए बर्तन ओवन 1 फ्रीजर और फर्नीचर लेना पड़ेगा, जिसकी लागत एक से ₹200000 तक आ सकती है और यदि आप ठेला बनाना चाहते हैं तो उसकी लागत भी अधिक नहीं आती है। 50 से 70 हजार के बीच बन जाता है।


यदि आप कोई वाहन लेकर उसमें फूड स्टाल खोलना चाहते हैं, जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हैं। फूड स्टॉल खोलने के लिए वाहन यदि अब पुराना लेते हैं तो कंडीशन के हिसाब से एक या दो लाख में मिल जाएगा और यदि आप नया वाहन लेते हैं, जो कि मार्केट के हिसाब से अपनी पसंद के अनुसार उसकी कीमत चुकानी पड़ती है।


उसमें अन्य मशीनरी जैसे ओवन स्टोर, रेफ्रिजरेटर इत्यादि इंस्टॉल करने में खर्च आता है। टोटल ₹500000 खर्च आ सकता है। यदि आपने पुराना वाहन चुना है तो फूड स्टाल खोलने में 50000 से लेकर ₹500000 तक का खर्चा आ सकता है।


फूड स्टॉल ओपन करना एक बहुत अच्छा आईडिया हो सकता है। क्योंकि आज के समय में लोग नए-नए तरीके के पकवान खाना पसंद करते हैं और आपके फूड स्टॉल में जितने प्रकार के नए व्यंजन होंगे लोगों को अपनी ओर इतना ही आकर्षित करेंगे।


एक छोटा सा नार्मल फास्ट फूड रेस्टोरेंट  खोलने के लिए आपको ज्यादा निवेश करने की आवश्यक्ता नहीं होती, यह लगभग 50 हजार से 1 लाख के बीच होता है. परंतु फिर भी यह राशि आपके प्लान पर ज्यादा निर्भर करती है, यदि आप बडी जगह में ज्यादा व्यवस्थाओ के साथ बिजनेस चालू करना चाहते है तो खर्च ज्यादा होगा. अगर आप फ्रेंचाइजी ले रहें है तो इसके लिए निवेश राशि फ्रेंचाइजी देने वाले पर निर्भर करती है, इसके अतिरिक्त आपको इसके लिए उनकी शर्तो के अनुसार डिपाजिट भी करना होता है. हर फ्रेंचाइजीके अनुसार जमा की जाने वाली राशि और शर्ते भिन्न भिन्न होती है.


आप अपने बिजनेस के लिए किसी भी नेशनलाइज फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट जैसे बैंक से मदत लेकर अपना बिजनेस स्टार्ट कर सकते है. आजकल अच्छे बिजनेस प्लान पर सरकार द्वारा भी सपोर्ट किया जा रहा है.



मुनाफा (Profit margin)

फास्ट फूड बिजनेस से होने वाला लाभ (Fast Food Business Profit)


फास्ट फूड बिजनेस यदि किसी भी व्यक्ति का अच्छे तरीके से चलता है तो यह उस व्यक्ति के लिए खोलना हमेशा से ही प्रॉफिटेबल रहेगा, परंतु इसमें हमेशा मुनाफा हो इस बात की कोई गारंटी नहीं है। क्योंकि फूड स्टॉल में मुनाफा इस बात पर निर्भर करता है कि आपका फूड स्टॉल कैसा है या आपके स्टॉल पर क्या मिलता है। क्योंकि कई जगह पर लोगों को चाइनीस खाना पसंद होता है तो तो कहीं के लोगों को यह पसंद नहीं होता।


भारत में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके के पकवान पसंद किए जाते हैं। यदि आप मध्य प्रदेश में गुजराती खाना लोगों को परोसेंगे तो लोग यह खाना पसंद नहीं करेंगे। जिस शहर या एरिया में आपका फूड स्टाल खोलना है, आपको सबसे पहले वहां अच्छी खासी रिसर्च करनी पड़ेगी। क्योंकि वहां के लोग क्या खाना पसंद करते हैं और क्या नहीं? इस बात पर आपका प्रॉफिट निर्भर करेगा।


यदि आप उनके पसंद का खाना अपने फूड स्टॉल पर उपलब्ध करवाएंगे तो आपके प्रॉफिट की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाएगी और आपको बहुत प्रॉफिट होगा। अगर आपकी रिसर्च अच्छी है तो आपके लिए फूड स्टाल खोलना एक फायदे का सौदा हो सकता है और इसमें आपको बहुत मुनाफा होगा।


किसी भी बिजनेस के लिए मुनाफा सबसे महत्वपूर्ण चीज है, इसी के लिए कोई भी व्यक्ति इतनी मेहनत करता है. आपके फास्ट फूड बिजनेस में अधिक मुनाफे के लिए हम आपको नीचे कुछ टिप्स दे रहें है जो आपके काम आयेंगे.


  • जब हम अपने बिजनेस के लिए मुनाफे की बात करते है तो यह बहुत आवश्यक है की आप अपने सप्लायर के साथ अच्छी और सही डील करे जो आपके बिजनेस के लिए फायदेमंद होगी. इसके अतिरिक्त आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आप अपने लिए उतना ही राशन खरीदे जितने की आपको अभी जरुरत हो, आवश्यक्ता से अधिक खरीदी करने से आपके पैसे ब्लाक हो जाते है.

  • अगर हम रेस्टोरेंट में चीजों की प्राइस फिक्स करने की बात करे तो यदि आप अपना प्राइस 10 प्रतिशत कम रखते है तो आपको अपने बिजनेस को तीन गुना बढाना होगा तभी आप अपना टारगेट पुरा कर पायेंगे. और अगर यदि आप अपना प्राइस 10 प्रतिशत बढाकर रखते है तो आपके बिजनेस में कुछ प्रतिशत गिरावट आयेगी परंतु आप अपने प्राइस के द्वारा इसे कवर कर सकते है , इसके लिए आपको अपने ग्राहकों को उच्च स्तर की सेवा प्रदान करनी होगी.

  • आपको अपने अकाउंट और अन्य फाइनेंस को 6 महीने में क्रॉस चेक करना चाहिये इसके द्वारा आप अनुमान लगा सकते है कि आपको कहाँ और कैसे बदलाव की आवश्यक्ता है.



जोखिम (Risk factors)

फास्ट फूड बिजनेस में रिस्क


कोई भी कारोबार शुरू करने में रिस्क तो होता ही है। क्योंकि कोई भी ऐसा कारोबार नहीं है, जिसमें सिर्फ प्रॉफिट हो और लॉस ना हो। सभी बिजनेस ऐसे हैं, जिनमें शुरू में लॉस होने की संभावना बनी रहती हैं और यदि आपको उस बिजनेस के बारे में जानकारी नहीं है और वह बिजनेस करते हैं तो आपको संभवतः लॉस होने के ज्यादा चांसेस है।


ऐसा ही फूड स्टॉल खोलने में भी है। यदि आपको खाना बनाने का तजुर्बा नहीं है और आप फूड स्टॉल खोल लेते हैं तो आपको प्रॉफिट कभी नहीं हो सकता। क्योंकि आज के समय में लोग टेस्टी खाना पसंद करते हैं और उसके लिए कितनी भी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं। यदि आप उनके मनपसंद खाना उपलब्ध करवाएंगे तो दोबारा फूड स्टॉल पर नहीं आएंगें।


अगर किसी भी तरह का बिजनेस स्टार्ट करने से पहले आप इसमे आने वाले जोखिमो की सूची तैयार कर लेते है तो यह आपको सफलता के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगी और साथ ही साथ आप अपने रास्ते में आने वाले जोखिमो से भी निपट पायेंगे. अधिक्तर जगह लोग अपने बिजनेस के लिए कई चीजों जैसे पूंजी निवेश, जगह , अन्य कामकाज आदि को लेकर गलत अंदाजा लगा लेते है जिससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता है.


इन चीजों के अलावा एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट  के मालिक को अन्य चीजों जैसे अच्छा खाना, आकर्षक जगह और बैठक, काम के लिए अच्छे और सही लोगो का चयन आदि बातों का भी ध्यान रखना चाहिये.


एक सफल रेस्टोरेंट  के लिए आपको एक अच्छी प्लानिंग करनी होती है क्योंकि फूड का प्राइस और काम करने वालो की तनख्वाह आदि जैसी छोटी-छोटी बातें आपके रेस्टोरेंट  के मुनाफे को बहुत ज्यादा प्रभावित करते है.




FAQ

फास्ट फूड का बिजनेस कैसे स्टार्ट करें?

फास्ट फूड का बिजनेस स्टार्ट करने के लिए आपको पहले फास्ट फूड बनाना सीखना होगा और उसके पश्चात आप अपना स्टॉल खोल कर इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं।


फास्ट फूड बिजनेस की लागत क्या है?

फास्ट फूड का बिजनेस शुरू करने के लिए लागत आपके द्वारा चुने गए एरिया के हिसाब से निर्धारित होती है। इस बिज़नेस में न्यूनतम ₹50000 से अधिकतम ₹500000 तक की लागत आ सकते है।


फास्ट फूड का बिजनेस शुरू करने के लिए लाइसेंस कहां से लेना होगा।

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए खाद्य विभाग FSSAI के द्वारा लाइसेंस लेना होगा।


क्या फास्ट फूड का बिजनेस शुरू करने के लिए मार्केटिंग जरूरी है?

हां फास्ट फूड का बिजनेस शुरू करने के लिए मार्केटिंग जरूरी है। क्योंकि मार्केटिंग के माध्यम से आप अपने बिजनेस को और अधिक बढ़ा सकते हैं।



निष्कर्ष

किसी भी जगह नौकरी करने से अच्छा अपना खुद का बिजनेस शुरू करना अच्छा होता है और मिडिल क्लास लोग बहुत बड़ा बिजनेस नहीं कर पाते, उनके लिए फूड स्टाल खोलना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है। क्योंकि इसकी लागत भले ही कम नहीं होती लेकिन इतनी अधिक भी नहीं होती कि वह ना कर सके।


हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? (fast food ki dukan kaise khole) आपको पसंद आया होगा। आपको यह लेख कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। यदि आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो आप कमेंट बॉक्स के जरिये हमारे तक पहुंचा सकते है।



Summary

रेस्टोरेंट का बिजनेस

आजकल ऑनलाइन फूड डिलिवरी की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है तो ऐसे में आप अपना रेस्टोरेंट खोलकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. इस बिजनेस में कमाई के साथ-साथ ग्रोथ की बेहतर संभावना है.


आज के टाइम में अगर आप कोई अपना बिजनेस शुरू करने का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपको एक ऐसे बिजनेस आईडिया के बारे में बताएंगे, जिसके जरिए आप हर महीने मोटी कमाई कर सकते हैं. आपको बता दें आजकल ऑनलाइन फूड डिलिवरी की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है तो ऐसे में आप अपना रेस्टोरेंट खोलकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. इस बिजनेस में कमाई के साथ-साथ ग्रोथ की बेहतर संभावना है. आइए आपको बताते हैं कि आप कैसे ये बिजनेस शुरू कर सकते हैं-


आपको बता दें रेस्टोरेंट शुरू करने से पहले आप ये तय कर लें कि आपको वेज रेस्टोरेंट खोलना है या फिर नॉनवेज. इसके बाद में यह तय करें कि आपको सिर्फ फास्ट फूड पर फोकस रखना है या फिर आपके रेस्टोरेंट में सभी वैरायटी मिलेंगी. इसके अलावा आप थींम बेस्ड रेस्टोरेंट भी खोल सकते हैं.


इतने रुपये की होगी जरूरत

अच्छा रेस्त्रां खोलने के लिए 7-12 लाख रुपये की जरूरत होती है. अगर जमीन खुद की हो तो इसकी कॉस्ट और कम हो सकती है.


कितनी जगह की होगी जरूरत

बता दें इस बिजनेस में सबसे ज्यादा खर्च बिल्डिंग का आता है, लेकिन आप किराए पर जगह लेकर भी ये बिजनेस शुरू कर सकते हैं. इसके लिए आपको 700 से 1500 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होगी.


चाहिए होगा लाइसेंस

इसके अलावा इस बिजनेस के लिए आपको लाइसेंस की भी जरूरत होगी. पहला आपको फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना होता, जो खाद्य विभाग से मिलता है. इसके लिए आपको रेस्त्रां का पूरा खाका, जमीन का हक आदि पेपर तैयार करके विभाग को दिखाने होते हैं. दूसरा हेल्थ लाइसेंस यह हेल्थ विभाग और नगर निगम से भी मिलता है. अगर आप बार भी साथ में खोलते हैं, तो आपको इसका लाइसेंस कलेक्ट्रेट से लेना होगा.


मार्केंटिंग भी है जरूरी हिस्सा

किसी भी बिजनेस की सफलता उसकी मार्केटिंग पर निर्भर करती है तो अगर आप रेस्टोरेंट से पहले और बाद में इसकी अच्छी मार्केटिंग करें, जिससे आपका बिजनेस अच्छा ग्रोथ करे. इसके लिए आप मीडिया में विज्ञापन, सोशल साइट्स पर विज्ञापन या पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल कर सकते हैं.


स्टाफ की सैलरी

इसके अलावा इस बिजनेस के लिए आपको स्टाफ रखना होगा, जिसका खर्च भी आपको अपने बिजनेस में से देना होगा. शुरुआत में आप कम स्टाफ से काम चाल सकते हैं, लेकिन सेल और जरूरत के हिसाब से आप इसे बढ़ा भी सकते है.

आपको बता दें किचन का सामान खरीदते वक्त थोड़ी सावधानी रखें. एक तो किसी एक्सपर्ट को साथ रखें. दूसरा मेन्यू का ध्यान रखें. ऐसा न हो गलत सामान और क्रॉकरी आ जाए, जिसके खर्च अधिक हो. ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी वेंडर से संपर्क कर लें, जो लिस्ट के मुताबिक आपको सामान दे.


शुरुआत में थोड़ा होता है स्ट्रगल

बिजनेस शुरू करने के बाद काफी दिन तक छोटे-छोटे खर्च लगे रहते हैं. शुरुआती दिनों में इसमें मुनाफा भी नहीं होता. ऐसे परिस्थितियों के लिए आप खुद को आर्थिक और मानसिक रूप से तैयार रखें.




एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ